KanoonSamvad.com | RTI की पाठशाला
सरकारी दफ्तरों में अक्सर सूचना मांगने पर जन सूचना अधिकारी (PIO) यह कहकर मना कर देते हैं कि “फाइल की नोटशीट (File Noting/Note Sheet) गोपनीय है और RTI के तहत नहीं दी जा सकती।” लेकिन क्या यह कानूनी रूप से सही है?
RTI कानून और विभिन्न न्यायिक एवं आयोगीय निर्णयों के अनुसार, हर मामले में नोटशीट देने से इनकार नहीं किया जा सकता। यदि सूचना RTI Act की धारा 8 के तहत प्रतिबंधित नहीं है, तो नोटशीट भी सूचना (Information) का हिस्सा मानी जाती है।
नोट: नीचे दी गई जानकारी मुख्यतः आपके द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री पर आधारित है। किसी भी मामले में अंतिम निर्णय संबंधित कानून, न्यायालय के आदेश और मामले के तथ्यों पर निर्भर करेगा।

नोटशीट क्या होती है?
सरकारी फाइल में अधिकारी जिस पर अपनी राय, टिप्पणियां, अनुमोदन (Approval), आपत्तियां और निर्णय की प्रक्रिया दर्ज करते हैं, उसे नोटशीट (File Noting) कहा जाता है।
इसी नोटशीट से पता चलता है कि—
- किस अधिकारी ने क्या टिप्पणी की,
- फाइल किस स्तर पर लंबित रही,
- किस आधार पर निर्णय लिया गया,
- और निर्णय लेने में कितनी देरी हुई।
RTI का संवैधानिक आधार
सूचना का अधिकार केवल एक सामान्य कानून नहीं बल्कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) से जुड़ा अधिकार माना जाता है।
इसका उद्देश्य नागरिकों को यह जानने का अधिकार देना है कि—
- सरकार कैसे निर्णय लेती है,
- सार्वजनिक धन का उपयोग कैसे होता है,
- और प्रशासनिक प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है।
क्या RTI Act में नोटशीट पर रोक है?
RTI Act, 2005 की धारा 8(1) कुछ विशेष प्रकार की सूचनाओं को सार्वजनिक करने से छूट देती है, जैसे—
- राष्ट्रीय सुरक्षा,
- देश की अखंडता,
- खुफिया जानकारी,
- कुछ गोपनीय सूचनाएं।
लेकिन नोटशीट (File Noting) को धारा 8 में अलग से पूर्णतः प्रतिबंधित सूचना नहीं बताया गया है।
यही कारण है कि कई मामलों में नोटशीट उपलब्ध कराई जाती है।
महत्वपूर्ण न्यायिक एवं आयोगीय निर्णय
1. CBSE v. Aditya Bandopadhyay (2011)
आपकी उपलब्ध सामग्री के अनुसार, इस निर्णय का उल्लेख पारदर्शिता के सिद्धांत के समर्थन में किया गया है।
2. Girish Ramchandra Deshpande (2013)
उपलब्ध सामग्री के अनुसार, जहां व्यक्तिगत (Personal) जानकारी हो, वहां संवेदनशील भाग अलग कर शेष सूचना उपलब्ध कराने का सिद्धांत बताया गया है।
3. CIC का आदेश (13 जनवरी 2010)
केंद्रीय सूचना आयोग ने माना कि नोटशीट सरकारी रिकॉर्ड का हिस्सा है और सामान्य परिस्थितियों में इसे केवल “नोटशीट” होने के आधार पर रोका नहीं जा सकता।
4. CIC एवं DoPT (2019)
आपकी उपलब्ध सामग्री के अनुसार, चयन, पदोन्नति एवं अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित मामलों में सार्वजनिक हित होने पर नोटशीट उपलब्ध कराने का उल्लेख किया गया है।
कब नोटशीट मिल सकती है?
सामान्यतः निम्न विषयों से संबंधित नोटशीट उपलब्ध कराई जा सकती है—
✅ नियुक्ति
✅ पदोन्नति
✅ स्थानांतरण
✅ टेंडर
✅ बजट
✅ शिकायत निस्तारण
✅ प्रशासनिक निर्णय
यदि सूचना धारा 8 के किसी अपवाद में नहीं आती।
कब सूचना रोकी जा सकती है?
यदि नोटशीट—
- राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी हो,
- रक्षा या खुफिया एजेंसियों से संबंधित हो,
- संवेदनशील सुरक्षा जानकारी उजागर करती हो,
तो RTI Act की धारा 8 के तहत सूचना रोकी जा सकती है।
यदि नोटशीट में कुछ गोपनीय हिस्सा हो तो?
आपकी उपलब्ध सामग्री के अनुसार, ऐसे मामलों में धारा 10 का उपयोग करते हुए संवेदनशील भाग हटाकर (Severability) शेष सूचना उपलब्ध कराने की मांग की जा सकती है।
यदि PIO सूचना देने से मना कर दे तो क्या करें?
यदि निर्धारित समय में सूचना न मिले या अनुचित रूप से मना कर दिया जाए, तो RTI Act के तहत उपलब्ध वैधानिक उपायों का सहारा लिया जा सकता है, जैसे—
- प्रथम अपील,
- द्वितीय अपील,
- अथवा उपयुक्त परिस्थितियों में शिकायत।
आपकी उपलब्ध सामग्री में धारा 18 के तहत शिकायत करने और धारा 20 के तहत दंडात्मक कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया है।
RTI आवेदन का नमूना
विषय:
“फाइल संख्या _______ से संबंधित नोटशीट (File Noting) की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए।”
अवधि:
01.01.2024 से आवेदन की तिथि तक।
इस विषय का कानूनी महत्व
✅ नोटशीट प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
✅ केवल “नोटशीट है” कहकर सूचना देने से इनकार हमेशा उचित नहीं माना जा सकता।
✅ यदि सूचना का कोई भाग गोपनीय हो, तो उपलब्ध सामग्री के अनुसार धारा 10 के सिद्धांत के तहत शेष सूचना देने पर विचार किया जा सकता है।
✅ RTI का उद्देश्य शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है।
प्रमुख कानूनी प्रावधान
- सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005
- अनुच्छेद 19(1)(a), भारतीय संविधान
- धारा 8 – सूचना के अपवाद
- धारा 10 – पृथक्करण (Severability)
- धारा 18 – शिकायत
- धारा 20 – दंड
Discussion Question
क्या आपके अनुसार सरकारी फाइल की नोटशीट सामान्य परिस्थितियों में नागरिकों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए, या इसे गोपनीय ही रखा जाना चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में अवश्य लिखें।
